ज्ञान की पावन गंगा बहती, इस शिक्षा के धाम में,
संस्कारों की ज्योति जलती, हर छात्र के नाम में।
मेहनत, सत्य और सेवा का, हम सबने संकल्प लिया,
उज्ज्वल भविष्य बनाने का, हमने पावन व्रत किया।
हे हमारे महाविद्यालय, तुम गौरव की पहचान हो,
विद्या, विनय और संस्कृति का, तुम सुंदर वरदान हो।
तेरी छाया में पाकर शिक्षा, जीवन सफल बनाते हैं,
अपने कर्म और आदर्शों से, भारत का मान बढ़ाते हैं।
यहाँ सपनों को मिलती राहें, यहाँ उम्मीदें खिलती हैं,
हर मुश्किल से लड़ने की, नई शक्तियाँ मिलती हैं।
गुरुओं का आशीष यहाँ है, मेहनत का सम्मान यहाँ,
ज्ञान और मानवता से बढ़ता, अपना हिंदुस्तान यहाँ।
चलो मिलकर दीप जलाएँ, शिक्षा का हर द्वार सजे,
प्रेम, एकता और सद्भाव से, अपना सुंदर संसार सजे।
श्रम, अनुशासन, सेवा, संस्कृति — यही हमारी शान रहे,
अपने कॉलेज का नाम सदा, जग में यूँ ही महान रहे।
जय ज्ञान, जय शिक्षा, जय संस्कृति महान,
जय हो अपने महाविद्यालय का बढ़ता हुआ सम्मान।